कृषक और श्रम विधेयकों का विरोध करने वाले सभी

कृषक और श्रम विधेयकों का विरोध करने वाले सभी

वैसे कृषक और श्रम विधेयकों का विरोध करने वाले सभी दल अगर एकजुट होकर वोटिंग करते तो शायद यह बिल पास ही नहीं हो सकते थे. कम से कम राज्यसभा में तो इन विधेयकों को पास होने से रोका जा सकता था. कहीं ऐसा तो नहीं कि इनका विधेयकों को लेकर विरोध भी एक दिखावा ही है.विपक्ष के बहिष्कार ने तो सरकार को और आराम से विधेयकों को पारित करवाने का मौक़ा दे दिया

#makaduvaach

#माकड़उवाच

प्रधानमंत्री किसान योजना का धन सीधे किसानों के खातों में पहुंचता है लेकिन हमारी ‘ममता’मयी दीदी का कहना है कि वह योजना को बंगाल में तभी लागू करेंगी जब यह धन राज्य सरकार के माध्यम से दिया जाये.अरे दीदी! अगर किसानों का कल्याण हो रहा है तो आपको अम्मां बनने की का ज़रूरत. ममता पहुँचने दें. फिर आपके माध्यम से हो या फिर सीधे केंद्र के माध्यम से. किसानों को मदद मिलना ज़रूरी है. वैसे भी जल्दी कुछ मिलता नहीं और जब मिलने वाला है तो आप अडंगा लगा रही हैं.

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ऐसे लोग जो Sickle Cell Anemia बीमारी के Carrier होते है !

ऐसे लोग जो Sickle Cell Anemia बीमारी के Carrier होते है !

ऐसे लोग जो sickle cell anemia बीमारी के carrier होते है उन्हें कभी भी मलेरिया (malaria) नहीं हो सकता। उन्हें sickle cell anemia के नुक्सान से भी बचे रहते हैं और मलेरिया से भी। ज़िन्दगी में सच्चे दोस्त कुछ इसी तरह होते हैं। वो आपको सही बात बोल सकते हैं गाली दे सकते है। थोबड़ा बिगाड़ सकते हैं। पर कई चीज़ों से आपको बचाते भी हैं।इसी का एक और पहलू भी है की जब भी आपके साथ कुछ बुरा होता है तो उसके बदले में एक भला काम आपके खाते में आ जाता है, हो सकता है ये उस समय आपको दिखाई न दे पर ये होता है. अर्जुन को जब उर्वशी ने नपुंसक होने का शाप दिया तो वो उनके अज्ञातवास में काम आया। ऐसा ही हर जगह होता है. इसलिए कुछ गड़बड़ होने पे भी खुश ही होना चाहिए। न मानो तो विज्ञान का नियम अपना लो. अगर गड़बड़ होना action है तो उसके बदले कोई न कोई reaction भी होगी वो सकारात्मक होगी। ( यूँ भी समझें कि करण कारन सिद्धांत के अनुसार)बचपन में कहीं पढ़ा था की भगवान् सारे रास्ते एक साथ बंद नहीं करता, एक बंद करता है तो दूसरा खोल भी देता है. तो अगर ज़िन्दगी में आप गर्त में जा रहे हैं तो थोड़ा धैर्य रखिये जल्द उसके बदले कुछ न कुछ बेहतर होगा।

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देश के रक्षामंत्री राजनाथसिंह जी ने रक्षा सौदों में सैकड़ों रक्षा उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है

देश के रक्षामंत्री राजनाथसिंह जी ने रक्षा सौदों में सैकड़ों रक्षा उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है

देश के रक्षामंत्री राजनाथसिंह जी Rajnath Singh ने रक्षा सौदों में सैकड़ों रक्षा उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इससे ना सिर्फ हजारों करोड़ की विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि भारत अपनी सैन्य तैयारियों को ज्यादा गोपनीय रख सकेगा। बस उम्मीद है कि सीमा पर सड़क बनाने जैसी ही तेजी दिखाकर इन उपकरणों के निर्माण में भी तेजी लाई जायेगी। वरना कहीं ऐसा ना हो जाये कि यह निर्णय ही वापस लेना पड़ जाये। या फिर सारी कवायद में इतना समय निकल जाये कि सैन्य व्यवस्था ही चरमराने लगे। वैसे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री NarendramodiNamo इस मसले पर खास ध्यान देंगे।बाकी पूरी उम्मीद है कि विपक्ष मौका मिलते ही इस निर्णय पर सवालिया निशान उठाना शुरू कर देगा क्योंकि बोफोर्स से लेकर ऑगस्टा तक रक्षा सौदों में कितने खेल हुए हैं बताने की ज़रूरत नहीं है (राफेल का नाम इसलिये नहीं लिखा गया है क्योंकि उसमें न्यायालय ने भी हरी झंडी दी है बाकी विपक्ष अपने आरोपों के समर्थन में अबतक कोई खास प्रमाण नहीं दे सकता है। उम्मीद है कि जनता विपक्ष को मौका देगी और वह इस प्रकरण की जांच करवाकर दूध का दूध और पानी का पानी कर सकेंगे।) बाद बाकी भविष्य बतायेगा कि राम ने क्या रच रखा है।